शहडोल - जिला मुख्यालय के पाण्डवनगर क्षेत्र में 8 वर्षीय मासूम बालिका से जबरन घरेलू काम कराने और विरोध करने पर गर्म चिमटे से दागने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम और बाल श्रम अधिनियम की विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डायल-112 पर सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस
घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब पाण्डवनगर निवासी एक व्यक्ति ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी कि पड़ोस में रहने वाली एक मासूम बच्ची भागकर उनके घर पहुंची है। बच्ची बुरी तरह सहमी हुई थी और उसने पड़ोस की महिला द्वारा लगातार मारपीट व प्रताड़ना की बात बताई। बच्ची इतनी डरी हुई थी कि वह किसी भी हाल में आरोपी के घर वापस जाने को तैयार नहीं थी।
सूचना पर तत्काल पहुंची कोतवाली पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू कर अपने संरक्षण में लिया। पुलिस ने सबसे पहले बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देशानुसार सुरक्षित आश्रय के लिए बाल शिशु गृह, शहडोल भेज दिया।
खेलने के बहाने लाई थी शहडोल, फिर शुरू हुआ शोषण का सिलसिला
पुलिस द्वारा परिजनों को बुलाकर की गई पूछताछ और प्राथमिक जांच में सामने आया कि लगभग चार माह पूर्व वार्ड क्रमांक 07, पाण्डवनगर निवासी शांति उर्फ गुड़िया प्रजापति (पति बी. आर. प्रजापति) बालिका को उसके परिजनों की सहमति से शहडोल लाई थी। महिला ने परिजनों से कहा था कि वह बच्ची को अपनी बेटी के साथ रहने और खेलने के लिए ले जा रही है।
शहडोल लाने के कुछ ही दिनों बाद आरोपी महिला ने मासूम से उसकी शारीरिक क्षमता से अधिक भारी घरेलू कार्य कराना शुरू कर दिया। काम पूरा न होने या देरी होने पर बच्ची के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की जाती थी। जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि पूर्व में महिला ने बच्ची को गर्म चिमटे से दागा था और मुंह खोलने पर जान से मारने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद थाना कोतवाली शहडोल पुलिस ने आरोपी शांति उर्फ गुड़िया प्रजापति के विरुद्ध निम्नलिखित विधिक धाराओं में मामला दर्ज किया है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) एवं धारा 118 (1) (घातक हथियार या खतरनाक साधनों से चोट पहुंचाना)
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015: धारा 75 (बच्चे के प्रति क्रूरता)
बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986: धारा 14 (1)
पुलिस प्रशासन के अनुसार, मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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