शहडोल - कागज कारखाना ओरियंट पेपर मिल अमलाई के सह उद्योग सोडा कास्टिक यूनिट में व्यापक पैमाने पर उद्योग हित को नजरअंदाज करते हुए उद्योग के कार्मिक प्रबंधक अविनाश कुमार वर्मा, एच आर अरविंद शुक्ला एवं सुरक्षा अधिकारी रामगोपाल उरमलिया के द्वारा औद्योगिक नीति को खुले तौर पर अपने काले कारनामों को अंजाम देने में मशगूल हैं इन्हें कंपनी के द्वारा दिए गए उत्तरदायित्व से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं यह तीनों अपनी नीति का अनुसरण करते हुए नियम विरूद्ध तरीके से अपने रिश्तेदारों सगे संबंधियों ड्राइवर और कार्यालय में पदस्थ चपरासी सहित टाइम ऑफिस में बने बैठे बाबू के लड़कों को कुछ ले देकर सरेआम भर्ती किया गया है।
ज्ञात हो कि पूर्व में प्रबंधन के तत्कालीन कार्मिक प्रबंधक जी. सी. जैन के कार्यकाल में उद्योग के वरिष्ठ एवं उच्चाधिकारियों के द्वारा शक्त निर्देशित किया गया था कि उद्योग के अंदर किसी भी प्रकार की भर्ती नहीं की जाएगी उसके तारतम्य में उस दौरान उद्योग के अंदर कार्यरत ठेका श्रमिक कुशल श्रमिक सहित अन्य मजदूरों एवं श्रमिकों को एन केन प्रकारेण किसी भी तरीके से मानव संसाधन कम करने के लिए वीआरएस, के साथ-साथ अन्य तरीकों को अपनाकर कर्मचारियों की संख्या में कमी लाई गई जिसके कारण कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा किंतु आज की स्थिति में इन तीनों अधिकारियों के द्वारा एक ठेकेदार के सहयोग से जिसके द्वारा पूर्व में भी ओरियंट पेपर मिल में धोखाधड़ी एवं बेईमानी की गई जिसके लिए ओरियंट पेपर मिल के तत्कालीन सी ई ओ के द्वारा ब्लैक लिस्ट कर दिया गया किंतु अपने बोलचाल एवं मायावी कृत्य को बनाए रखते हुए पून: उद्योग के अंदर कई ठेका कार्य संपादित कर रहा है जिस पर इसके ठेका में कार्य करने वाले लोगों को सांठगांठ बनाकर कार्मिक प्रबंधक अविनाश वर्मा, एच आर अरविंद शुक्ला, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर रामगोपाल उरमलिया के द्वारा कुछ वर्षों के दौरान व्यापक तौर पर भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया और उनके द्वारा किए गए कर्मचारियों की भर्ती इस प्रकार है जोकि इनके द्वारा औद्योगिक नियम एवं अवैधानिक रूप से किए गए कार्य की जांच की जानी अत्यंत आवश्यक है जो उद्योग के हित में और ऐसे लोगों को उद्योग से कार्य मुक्त करते हुए बाहर किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इन कुछ वर्षों के दौरान किए गए कर्मचारियों की भर्ती के नाम इस प्रकार हैं_:
मनीष मिश्रा, हरि गौतम, अमन तिवारी, शुभम गौतम, श्याम कहार, अभय गुप्ता, आनंद पटेल, निलेश महरा, योगेंद्र प्रताप सिंह, राहुल सिंह, तोरण लाल साहू, जितेंद्र यादव, राजीव सिन्हा, संतोष सिन्हा, दिलीप सिंह, निखिल विश्वकर्मा, संस्कार विश्वकर्मा, मानव मिश्रा, दीपू राजभर, प्रकाश नामदेव, डिस्पेंसरी में शुक्ला, मनमन सिंह, संतोष शर्मा, दुर्गेश गुप्ता, कौशल नापित, रमेश, आकाश सिंह। अरविंद शुक्ला, रामगोपाल उर्मलीय, अविनाश वर्मा के द्वारा फर्जी तरीके से लेनदेन कर अपने रिश्तेदारों एवं अन्य लोगों की भर्ती की गई है।
उक्त संबंध में प्रबधन से मांग कि गई है की इस प्रकार इनके द्वारा किए गए अनैतिक कृत्य की सूक्ष्म एवं बिंदुवार जांच कराई जाए जिससे इनके द्वारा किए गए अवैधानिक नियम विरुद्ध कृत्य का खुलासा हो सके।

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