भोपाल - मध्यप्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को विभागों का आवंटन कर दिया है। मुख्यमंत्री के पास जनसंपर्क, वित्त, वाणिज्य कर, जेल, विमानन एवं अन्य ऐसे विभाग रहेंगे जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं हैं।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को गृह एवं वित्त विभाग मिला है। राजेंद्र शुक्ला को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मिला है।
कैबिनेट मंत्रियों में कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय विकास, विधि एवं विधायी, संसदीय कार्य विभाग मिला है। प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिला है। राकेश सिंह को लोक निर्माण विभाग मिला है। विजय शाह को सहकारिता विभाग मिला है। एदल सिंह कसाना को किसान कल्याण विभाग मिला है। प्रदुम्न सिंह तोमर को स्कूल शिक्षा विभाग मिला है। तुलसी सिलावट को जल संसाधन विभाग मिला है। गोविंद सिंह राजपूत को पीएचई विभाग मिला है। विश्वास सारंग को वन एवं परिवहन विभाग मिला है। इंदर सिंह परमार को तकनीकी शिक्षा उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग मिला है। उदय प्रताप सिंह को उच्च शिक्षा विभाग मिला है। करण सिंह वर्मा को राजस्व विभाग मिला है। नारायण सिंह कुशवाहा को उद्यानिकी विभाग मिला है। संपतिया उईके को जनजातीय कार्य विभाग मिला है। निर्मला भूरिया को महिला बाल विकास विभाग मिला है। नगर सिंह चौहान को खेल एवं युवक कल्याण, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग मिला है। चैतन्य कश्यप को उद्योग एवं योजना आर्थिक सांख्यिकीय विभाग मिला है। राकेश शुक्ला को आईटी, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास विभाग मिला है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) में कृष्णा गौर को पर्यटन एवं गैस राहत विभाग मिला है। धर्मेंद्र लोधी को श्रम विभाग मिला है। दिलीप जायसवाल को खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग मिला है। गौतम टेटवाल को ऊर्जा विभाग मिला है। लेखन पटेल को मत्स्य विभाग मिला है। नारायण पवार को सामान्य प्रशासन विभाग मिला है।
राज्य मंत्री में राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और नरेन्द्र शिवाजी पटेल शामिल हैं।
इस विभागीय बंटवारे के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार अपने कार्यों को अंजाम देने में सक्षम होगी।

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