मध्यप्रदेश राज्य में नए सत्ताधारी नेतृत्व का निर्धारण हो गया है और इसके अनुसार विधायक दल ने नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों का चयन किया है। आज भोपाल में हुई बैठक में निर्धारित हुआ और मोहन यादव मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री चुने गए, जबकि जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा गया है। इसके साथ ही, नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है।
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| मोहन यादव |
मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के बाद, मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार है और वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं और उन्हें संघ का करीबी माना जाता है। वे पूर्व में शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में भी राज्य के कैबिनेट में शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न विधानसभा चुनावों में सफलता प्राप्त की है और बीजेपी के साथ कई सालों से जुड़े हैं। उनका जन्म 25 मार्च 1965 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था।
मोहन यादव ने पहली बार 2013 में विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त किया और इसके बाद 2018 में उज्जैन दक्षिण सीट से दोबारा चुनाव जीतकर अपनी प्रधानता को बनाए रखी। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट में शामिल होकर राज्य में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में सेवा की है।
मोहन यादव का राजनीतिक परिचय कांग्रेस के चेतन प्रेम नारायण को हराकर हुआ है और उन्होंने अपने जीवन के कई सालों तक विधायक और पटल समिति के सदस्य के रूप में सेवा की है। उन्होंने विभिन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में प्रतिष्ठान प्राप्त किया है और अपने क्षेत्र में पूर्वाधिकारियों के साथ मिलकर विकास के क्षेत्र में कार्य किया है।
मोहन यादव का योगदान राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और स्थानीय स्तर पर विकास के क्षेत्र में साबित हो रहा है। उनका चयन मुख्यमंत्री के पद के लिए एक सामर्थ्यपूर्ण कदम है और उन्हें इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी को संभालने के लिए जनता की आशीर्वाद मिला है।
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