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मुख्यमंत्री आएंगे तो बनेगी रोड, लीपा पोती का एक बार फिर से दौर हुआ शुरू

उमरिया - मध्यप्रदेश इन दिनों सुर्खियों में है क्योंकि यहां विधानसभा चुनाव लगभग होने को है जहां उसकी अब नोटिफिकेशन भी कुछ दिन बाद जारी हो जाएगी जहां आचार संहिता लगने के बाद ना तो कुछ कार्य होंगे और ना ही ज्यादा राजनीतिक सक्रियता रह पाएगी।

लेकिन उसे ठीक पहले उमरिया जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन होने वाला है लेकिन उसके ठीक पहले ही सड़कों की लीपापोती शुरू हो गई है क्योंकि मुख्यमंत्री साहब आने वाले हैं।

आने वाले हैं मुख्यमंत्री साहब : 

वहीं लोगों ने कहा है कि हम लगातार 5 साल से परेशान है यहां सड़क पर गड्ढे हो रहे थे लेकिन उसे पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री साहब के आने की खबर मिली तत्काल अधिकारी और कर्मचारी उसे पर लीपा पोती करने के लिए जुट गए। यानी इससे साफ साबित होता है कि जब मुख्यमंत्री आएंगे तभी सड़क बनेगी नहीं तो हम गड्ढे में ही जीते रहेंगे।

केवल कमर दुखती है सिर्फ सीएम की हमारी नहीं – संध्या पांडे :

इन सबके मामले में आम आदमी पार्टी के मध्य प्रदेश के सह सचिव संध्या पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री जी को किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसलिए सड़क पर मलहम पट्टी का लगाने का कार्य किया जा रहा है। साथियों उन्हें व्यंगात्मक रूप में यह भी कहा है कि क्या हम इंसान नहीं है क्या हम इस सड़क पर नहीं चलते हैं। केवल कमर दुखती है सिर्फ सीएम की हमारी नहीं।

वही ग्रामीणों ने अभी आरोप लगाया है कि उमरिया जिले में आज भी ऐसी कई सड़के हैं जहां कीचड़ युक्त है यानी कीचड़ से सनी हुई है। लेकिन उसे पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है वहां बच्चे विद्यालय जाते हैं लेकिन फिर भी प्रशासन उसे पर कार्रवाई नहीं करता। लेकिन जिस रूट से मुख्यमंत्री आएंगे उसे रूट को जरूर चमका देंगे ऐसा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का मानना है और ठीक वैसा हो भी रहा है।

मीना सिंह को नहीं है क्षेत्र के विकास से कोई मतलब – ग्रामीण :

आपको बता दे की क्षेत्रीय विधायक सुश्री मीना सिंह मंत्री भी हैं लेकिन उसके अलावा क्षेत्र की नागरिक भी है लेकिन आज तक उन्होंने अपने नागरिक होने का कोई भी कर्तव्य नहीं निभाया है। लोगों ने यह भी कहा है कि मीना सिंह अपने क्षेत्र के लोगों का ध्यान बिल्कुल भी नहीं देती है।

ना तो यहां अच्छी सड़क हैं नहीं विद्यालय की मरम्मत हो पा रही है और ना ही मूलभूत सुविधाएं लोगों को नसीब हो पा रही हैं। अब चुनाव का समय नजदीक आ रहा है तो लोगों को लुभाने के लिए वह तरह-तरह के वादे भी कर रही हैं लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है।

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