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शहडोल: मॉडल रोड निर्माण में नगर पालिका की लापरवाही, बंद स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी के भराव से जनता बेहाल

शहडोल। नगर पालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता और ठेकेदार की लापरवाही के चलते इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक बनने वाली महत्वाकांक्षी मॉडल रोड आमजन के लिए सुविधा के बजाय गंभीर मुसीबत बन गई है। बिना किसी ठोस कार्ययोजना के बारिश के मौसम में शुरू किए गए निर्माण कार्य ने स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है।

''सड़क किनारे स्ट्रीट लाईट बंद पड़ी हैं और घरों-दुकानों के सामने भरा नालियों और बरसात का पानी अब गंभीर संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रहा है। नर्क की जिंदगी जीने को मजबूर रहवासी'' 

बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट 

घरो दुकानों के सामने नली और बरसात का जल भराव 

अधूरे निर्माण से जानलेवा बने गड्ढे:

सड़क निर्माण से पहले जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था करने के बजाय सड़क के दोनों किनारों पर दो-दो फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए। मूसलाधार बारिश के चलते ये गड्ढे अब जानलेवा दलदल और तालाब में तब्दील हो चुके हैं। निकासी अवरुद्ध होने से नालियों का दूषित व बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। लोग घरों और दुकानों तक पहुंचने के लिए स्वयं के स्तर पर कामचलाऊ रास्ते बनाने को मजबूर हैं।

अंधेरे में डूबा मुख्य मार्ग, शिफ्ट नहीं हुए खंभे:

करीब ढाई महीने का समय बीत जाने के बाद भी विद्युत खंभों की शिफ्टिंग का कार्य अधूरा पड़ा है। स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद हैं, जिसके चलते रात के समय पैदल आने जाने वाले की परेशानी बढ़ गई और इस व्यस्त मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

त्योहारी सीजन में व्यापारियों की कमर टूटी:

रक्षाबंधन बीत चुका है और गणेश चतुर्थी, नवरात्रि व दीपावली जैसे बड़े त्योहार सामने हैं। मुख्य व्यापारिक मार्ग होने के बावजूद आवागमन बाधित रहने से यहां की दुकानों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। बिना वैकल्पिक मार्ग तय किए की गई खुदाई ने स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक संकट में धकेल दिया है।

आंदोलन की चेतावनी: क्षेत्रीय रहवासियों और व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि कार्य में गति लाकर जल निकासी का तत्काल स्थायी प्रबंध किया जाए और बंद स्ट्रीट लाइटों को फौरन चालू कराया जाए। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम के लिए बाध्य होंगे।

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