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शहडोल : नियमों को ठेंगा दिखा रहे शराब ठेकेदार मनमानी वसूली और खुलेआम जाम छलकने से जनता परेशान

शहडोल - जिले में शराब के नए ठेके शुरू होते ही उपभोक्ताओं के शोषण और नियमों के उल्लंघन का एक नया दौर शुरू हो गया है। शहर की देशी और विदेशी शराब दुकानों पर खुलेआम निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक की वसूली की जा रही है। आश्चर्य की बात यह है कि इस अवैध वसूली और मनमानी को रोकने के लिए जिम्मेदार आबकारी विभाग पूरी तरह मौन साधे हुए है, जिससे विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच कथित सांठगांठ के आरोप और गहरे हो गए हैं।

मुख्य मार्ग बना 'ओपन बार', विरोध करने पर अभद्रता

मुख्यालय के बीचों-बीच स्थित शराब दुकान के सामने का नजारा कानून व्यवस्था को चुनौती देता नजर आ रहा है। मुख्य मार्ग पर खड़े वाहनों के ऊपर शराब की बोतलें रखकर खुलेआम जाम छलकाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब विक्रेताओं द्वारा खरीदारों को दुकान के बाहर ही पीने की मूक सहमति दे दी गई है।

इतना ही नहीं, शराब दुकानों पर तैनात कर्मचारियों का रवैया भी बेहद आक्रामक हो चुका है। यदि कोई जागरूक उपभोक्ता MRP से अधिक दाम वसूलने का विरोध करता है, तो कर्मचारी अभद्रता और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन की इस उदासीनता के कारण अब यह अराजकता आम बात हो चुकी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जो पुरानी बस्ती फाटक स्थित स्टेशन रोड की शराब दुकान का बताया जा रहा है। इस वीडियो ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

भ्रष्टाचार का केंद्र: हाउसिंग बोर्ड का 'प्राइवेट सेफ हाउस'

विभागीय सांठगांठ की पटकथा: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संगठित अवैध वसूली और अराजकता को संरक्षण देने के लिए हाउसिंग बोर्ड स्थित एक निजी आवास को मुख्य केंद्र बनाया गया है। चर्चा है कि एक रसूखदार शराब ठेकेदार और शहर के एक नामी रेस्टोरेंट संचालक की मिलीभगत से यहाँ 'लिफाफा सिस्टम' (कथित रिश्वतखोरी) का संचालन किया जा रहा है। इसी स्थान से विभागीय अधिकारियों के साथ सांठगांठ की पूरी रूपरेखा तैयार की जाती है।

प्रशासनिक मुस्तैदी पर बड़े सवाल:

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:

 क्या जिम्मेदार उच्च अधिकारी इस संगठित लूट और खुलेआम हो रहे नियमों के उल्लंघन से पूरी तरह अनजान हैं?

या फिर भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि आम जनता को इन बेलगाम ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है?

स्थानीय नागरिकों ने जिला कलेक्टर और आबकारी आयुक्त से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने, ओवररेटिंग पर रोक लगाने और सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।

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