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प्रभु श्रीराम के बाल लीला व विवाहोत्सव प्रसंग को सुनने उमड़े श्रोता

शहडोल - मनोज ट्रेडिंग कंपनी एवं मनोज टीवीएस परिवार के द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस रविवार 23 मार्च को बालचरित्र, यज्ञरक्षा, जनकपुर प्रवेश, धनुषभंग, रामविवाहोत्सव का रसपान कथा व्यास पंडित बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज द्वारा कराया गया।

कथा व्यास पंडित बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज द्वारा चतुर्थ दिवस के कथा में राम कथा की महिमा बताते हुए कहा कि रामचरितमानस बड़ा पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ से हमें न सिर्फ जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है बल्कि निज धर्म पर चलना भी सिखाती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ राम का नाम लेने से सभी अज्ञानता दूर हो जाती है। कथा व्यास बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि भगवान भक्तों को सुख देने के लिए अवतार लेते है।

कथा के मध्य भगवान श्रीराम, भरतजी, लक्षणजी एवं शत्रुघनजी की बाल लीलाओ का वर्णन दर्शन के साथ किया गया। इसके उपरांत कथा व्यासजी के द्वारा प्रभु श्री राम के द्वारा जनकपुर में धनुष यज्ञ में शामिल हो कर धनुष को तोड़कर सीताजी के साथ श्रीराम जी के विवाह के प्रसंग का वर्णन महाराज जी के द्वारा सुंदर रूप में सुनाया गया। इस दौरान श्रोताओ ने उनके विवाहोत्सव पर जमकर नृत्य किया एवं धूमधाम से उनका विवाहोत्सव मनाया गया। महाराज जी के द्वारा सु-मधुर संगीतमय श्रीराम कथा को सुनने रविवार को बड़ी संख्या में श्रीराम कथा प्रेमी शुभम पैलेस पहुंचे।

श्रीराम कथा के चौथे दिन की कथा शुरू होने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम कथा के मुख्य श्रोता श्रीमती बब्बी बाई गुप्ता व कथा के आयोजक मनोज टीवीएस परिवार के हनुमान प्रसाद, राजेश गुप्ता,मनोज गुप्ता, योगेश गुप्ता, शिवांश गुप्ता, प्रखर एवं अक्षत गुप्ता ने व्यास पीठ एवं व्यासजी का पूजा अर्चना किया। पूजन पश्चात श्री चित्रकूट धाम से पधारे रामचरितमानस के मर्मज्ञ कथा व्यास पंडित बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज का स्वागत किया। स्वागत के पश्चात कथाव्यास पंडित बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज ने श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस रविवार को बालचरित्र, यज्ञरक्षा, जनकपुर प्रवेश, धनुषभंग, रामविवाहोत्सव का रसपान श्रोताओं को कराया गया। श्रीराम कथा के दौरान महाराज जी का साथ संगीत मंडली ने सुमधुर भजनों के साथ दिया। 

संगीत मंडली के मधुर व मनमोहक भजन ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया।

श्रीराम कथा में अब तक रामचरितमानस के महत्व एवं महिमा के साथ भारद्वाज, प्रयाग महिमा, सती प्रसंग एवं शिव पार्वती के विवाह , श्रीराम जन्मोत्सव को सचित्र वर्णन महाराज जी के द्वारा श्रोताओं के समक्ष किया। 

आचार्य बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज ने स्वामी रामकृष्ण आचार्य के सानिध्य में कथा के मुख्य यजमान श्रीमती बब्बी बाई गुप्ता सहित श्रोताओ को श्रीराम कथा 29 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से श्रवण कराया जा रहा है।

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