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शहडोल में सफाई के नाम पर खानापूर्ति, सड़कों पर उड़ती धूल से बीमारी का खतरा बढ़ा

शहडोल - संभागीय मुख्यालय शहडोल इन दिनों धूल के आगोश में है। शहर की फिजाओं में इन दिनों ऑक्सीजन से ज्यादा धूल घुली हुई है। शहर की संकरी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक, हर जगह धूल का गुबार छाया हुआ है। इसका मुख्य कारण सीवर लाइन बिछाने के बाद छोड़ी गई मिट्टी और नगर पालिका की लचर कार्यप्रणाली है, जिसने शहर की हवा को जहरीला बना दिया है।

दरअसल, शहर भर में सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढों को भरने के बाद शेष मिट्टी को सड़कों पर ही छोड़ दिया गया है। वाहनों की आवाजाही से यह मिट्टी उड़कर धूल के गुबार में तब्दील हो रही है। विडंबना यह है कि नगर पालिका प्रशासन 'स्वच्छता अभियान' के नाम पर केवल औपचारिकताओं में व्यस्त है। सड़कों से कचरा तो उठाया जा रहा है, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी इस धूल को हटाने की कोई सुध नहीं ले रहा है।

सिर्फ 'कचरा' हटाना ही सफाई नहीं

नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता (खानापूर्ति) कर रहा है। स्वच्छता अभियान का दिखावा करने के लिए सड़कों से झाड़ू लगाकर मोटा कचरा तो हटा दिया जाता है, लेकिन सड़क पर जमी गाद और धूल-मिट्टी को साफ करने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि कचरे से ज्यादा यह बारीक धूल सांस और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों को न्योता दे रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धूल के कारण श्वास और एलर्जी जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं, वातानुकूलित कारों के बंद शीशों के पीछे सफर करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को आम जनता को हो रही इस पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है। प्रशासन की यह उदासीनता शहरवासियों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है।

धूल हटाने वाली मशीनें नदारद

विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि इस समस्या का समाधान बेहद सरल है। यदि सप्ताह में केवल दो दिन भी आधुनिक 'रोड डस्ट क्लीनिंग मशीन' का उपयोग किया जाए, तो शहर को धूल मुक्त किया जा सकता है। गौरतलब है कि पूर्व में शहडोल नगर पालिका के पास सड़कों से धूल हटाने वाली मशीनें उपलब्ध थीं और उनसे कार्य भी सुचारू रूप से होता था। लेकिन अब वे मशीनें कहां हैं और उनका उपयोग क्यों बंद कर दिया गया, यह जांच का विषय है।

फिलहाल, शहरवासी सिर्फ यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन अपनी नींद तोड़ेगा और स्वच्छता का मतलब सिर्फ 'कचरा हटाना' नहीं, बल्कि 'धूल हटाना' भी समझेगा।

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