अनूपपुर - सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), अनूपपुर में दिनांक 14 नवंबर 2025 को एक भव्य 'मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के कृषकों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), व्यवसाय प्रतिनिधि (BC) सदस्यों और पूर्व प्रशिक्षणार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति -
कार्यक्रम में बैंकिंग एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की महत्ता बढ़ाई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
श्री पंकज कुमार, AGM – SLBC भोपाल (मुख्य अतिथि)
श्री दिलीप कुमार निगम, LDM – अनूपपुर
श्री बी.बी. चौधरी, वेटरनरी डायरेक्टर
श्रीमती पूजा, वेटरनरी डॉक्टर
श्री राघवेंद्र, कृषि विभाग
विभिन्न शाखाओं के प्रबंधक: सुश्री अंजना गुप्ता (जैतहरी), श्रीमती रीता तिर्की (अनूपपुर), श्री मोहना राव भटीना (वेंकटनगर), श्री संतोष कुमार (कोतमा), और श्री अनूप मंडल (पुष्पराजगढ़)।
उपस्थित अतिथियों ने कृषि ऋण योजनाओं, पशुपालन, कृषि उद्यमिता और ग्रामीण विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और लाभार्थियों का मार्गदर्शन किया।
करोड़ों रुपये के ऋण स्वीकृत एवं वितरित -
यह कैंप जिले के ग्रामीण उद्यमियों और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं द्वारा इस आउटरीच के दौरान:
कुल ₹5.28 करोड़ के कृषि ऋण स्वीकृत किए गए।
₹4.86 करोड़ का वितरण तत्काल प्रभाव से किया गया।
यह विशाल ऋण राशि जिले के किसानों व ग्रामीण उद्यमियों के लिए पूंजीगत सहायता प्रदान कर उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
आत्मनिर्भर भारत निर्माण हेतु प्रेरणा -
मुख्य अतिथि श्री पंकज कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सभी कृषकों और SHG सदस्यों को 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न बैंकिंग ऋण योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों और उद्यमिता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की, ताकि ग्रामीण लाभार्थी इनका अधिकतम उपयोग कर सकें।
इस आउटरीच कार्यक्रम का मुख्य फोकस निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति पर था:
किसानों तक बैंकिंग सुविधाओं की सरल और सुलभ पहुँच सुनिश्चित करना।
कृषि एवं पशुपालन से संबंधित ऋण योजनाओं का लाभ अधिकतम लाभार्थियों तक पहुँचाना।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उद्यम शुरू करने हेतु वित्तीय प्रोत्साहन देना।
ग्रामीण युवाओं और RSETI के पूर्व प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना।
आरसेटी स्टाफ, बी.सी. सदस्यों, कृषक भाई-बहनों और SHG महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और इसे ग्रामीण विकास, कृषि उन्नति तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।


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