मध्यप्रदेश - प्रदेश भर से बायोकेमिस्ट्री के विद्यार्थियों एवं शिक्षको ने आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी है की बायोकेमिस्ट्री विषय जूलॉजी एवं बॉटनी के सहविषय के रूप में पूरे भारत में प्रयोग होता आ रहा है, सभी सहायक अध्यापकों की भर्ती, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय, राज्यों के विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय इत्यादि समस्त विभागों में बायोकेमिस्ट्री विषय जूलॉजी एवं बॉटनी के अंतर्गत ही आ रहा है।
वर्ष 2014-2017 की मध्य प्रदेश की पीएससी, सहायक प्राध्यापक राजस्थान, सहायक प्राध्यापक छत्तीसगढ़, सहायक प्राध्यापक सभी भर्तियों में बायोकेमिस्ट्री विषय बॉटनी एवं जूलॉजी के सह विषय के रूप में अब तक शामिल रहा है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के 13.12. 2022 को जारी आदेश में बायोकेमिस्ट्री विषय को बॉटनी एवं जूलॉजी के सह विषय से हटा दिया गया है जो कि पूर्णत: गलत है, सरकार का यह निर्णय लाखों छात्र जो मध्य प्रदेश से विद्यार्थी पास आउट और कॉलेज के शिक्षक इसके विरोध में है, यह राज्य हित तथा छात्र हित में नहीं है, मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों की हित में नहीं है, विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है की इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जूलॉजी एवं बॉटनी के सहविषय के रूप में सम्मिलित करवाएंं जिससे की मध्यप्रदेश के छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।बता दे की उच्च शिक्षा सेवा आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसर की भर्ती करता है इस भर्ती पर बॉटनी और जूलॉजी और इसके सहविषय से सम्बन्धित विद्यार्थियो को यह फॉर्म भरने की अनुमति देता है जिसमे बायोकेमिष्ट्री विषय भी पूर्व में सम्मलित था, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के द्वार 13.12. 2022 को जारी आदेश में बायोकेमिस्ट्री विषय को बॉटनी एवं जूलॉजी के सह विषय से हटा दिया गया है जिस कारण बायोकेमिस्ट्री के विद्यार्थी आने वाले पीएससी सहायक प्राध्यापक भर्ती में शामिल नही हो पाएंगे और इससे मध्यप्रदेश के लाखों छात्र का भविष्य खराब हो जाएगा।



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