शहडोल - माननीय अपर सत्र न्यायालय ब्यौहारी जिला शहडोल के द्वारा सत्र प्रकरण क्र. 100168/16 में आरोपी अजय कुमार बैस बगैहरा द्वारा ओरापीगण अजय कुमार बैस पिता कामता प्रसाद बैस उम्र 33 वर्ष, रामनिहोर पिता रामसुन्दर बैस उम्र 46 वर्ष दोना निवासी ग्राम - भाटा कछार सरवाही खुर्द थाना ब्यौहारी एवं लालजी पिता भीमसेन बैस उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम- खन्तरा थाना मझौली जिला सीधी, उक्त आरोपीगण को धारा 365 एवं 370 भादवि में पांच वर्ष का कारावास एवं 3000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा 376(2)(जी) में दस वर्ष का कारावास एवं 5000/- रूपये का अर्थदण्ड एवं धारा 506बी में तीन वर्ष का कारावास एवं 1000/- रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया। शासन की ओर से उक्त प्रकरण में श्री आर.के. चतुर्वेदी अति0 जिला लोक अभियोजन अधिकारी तहसील - ब्यौहारी शहडोल द्वारा पैरवी की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरणः-
संभागीय जनसंपर्क अधिकारी (अभियोजन) श्री नवीन कुमार वर्मा द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 06.12.12 को फरियादी रामचरित बैस ने रिपोर्ट थाना ब्यौहारी में किया कि उसकी बहन दिनांक 03.12.2012 को अपने ससुराल पसगढी भाटा कछार जाने के लिए ग्राम मर्यादपुर से आमन ट्रेवल्स की बस से ब्यौहारी जाने के लिए बैठी थी जहां से उसे ससुराल जाना था किंतु दिनांक 05.12.2012 को जब उसकी ससुराल में पता किया तो पता चला कि वह ससुराल नहीं पहुंची है। उक्त रिपोर्ट पर गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई, जांच के दौरान दिनांक 06.10.2015 को गुमसुदा दस्तायाब हुई, पूछताछ पर उसके द्वारा बताया गया कि घटना दिनांक 03.12.2012 को उसका पति आरोपी अजय कुमार बैस ने उसे चुंगीनाका ब्यौहारी में बस से उतरने पर मिला और मोटरसाईकल से बस स्टैंड ब्यौहारी ले गया जहां पर आरोपी लालजी बैस मामा ससुर का लडका एवं आरोपी रामनिहोर बैस मिले और वे सभी उसे मोटर साईकल से रेल्वे पुलिया ब्यौहारी के आगे जंगल में ले गए और वहां पर फिर सभी ने मिलकर साडी से उसके दोनों पैर बांध दिए और फिर अजय ने उसके साथ गलत काम किया उसके बाद लालजी ने गलत काम किया फिर उसके पैर खेल दिए तब उसने अपने कपडे पहने फिर रामनिहोर और अजय मोटर साइकल से रीवा ले गए और वहां स्टेशन में मोटरसाइकल रखकर ट्रेन से मेरठ और मेरठ से मुजफ्फरपुर और फिर जानसर ले गए मेरठ में लालजी भी मिल गया था और तीनों आरोपी उसे ले जाकर कुतुबपुर में यशपाल गुर्जर को 80,000/- रूपये में बेंच दिए पति आरोपी अजय ने 60,000/- रूपये लिया 20,000/- रूपये बाद में यशपाल ने देने को बोला, उसके बाद एक कमरे में बंदकर आरोपीगण वापस लौट गए तब यशपाल गुर्जर ने उसे अपनी पत्नी बनाकर उसके साथ गलतकाम (बलात्कार) करता रहा जिससे उसके दो बच्चे हुए फिर वह यशपाल से बोली कि उसे मायके की याद आ रही है तब उसने उसे दिनांक 30.09.2015 को उसके जेट सरदार के साथ भेजा तब वह दिनांक 05.10.2015 को ब्यौहारी पहुंची और सारी घटना पुलिस को बताई। उक्त रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना उपरांत प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियोेजन द्वारा प्रस्तुत किए गए सशक्त तर्कों से सहमत होकर एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विचारण उपरांत आरोपीगण्र को उपरोक्तानुसार दण्ड से दंडित किया गया।
.jpeg)
0 टिप्पणियाँ