शहडोल - कोतवाली थाना शहडोल में फरियादी के साथ आरक्षक ने थाने के अंदर ही मारपीट व गाली गलौच की जिसकी शिकायत फरियादी ने पुलिस अधीक्षक से की मामले को गंभीरता से लेकर पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने आरक्षक रौनक पवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
फरियादी आशुतोष द्विवेदी जिसने सी.एम. हैल्पलाईन में शिकायत की थी जिस संबंध में फरियादी को थाना प्रभारी द्वारा फोन कर कोतवाली थाने में बुलाया गया। जहां पहुंचने पर थाना प्रभारी महोदय उपलब्ध नहीं थे उनसे फोन में बात होने पर मुझे परस्ते जी से मिलने को कहा गया मैं परस्ते जी पूंछते हुये जब उन तक पहुंचा उनके पास थाना प्रभारी जी का फोन आ चुका था वह बात कर रहे थे तो मैं वहीं बगल में रखे कुर्सी पर बैठ गए जिस पर आरक्षक रौनक ने बताया कि यह कुर्सी उसकी है। यहां कैसे बैठ गये मैंने बोला मुझे मालूम नहीं था सर और मैं वही पास खड़ होकर परस्ते जी का फ्री होने का इंजतार करने लगा जितने में आरक्षक रौनक ने आकर मेरा हाथ पकड़ के पहले खींचा और फिर धक्का देने लगा बोला एक बार में बता दिया समझ नहीं आ रहा तेरे को साले अभी ठीक से समझा दूंगा मैने बोला आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते तो बोला अभी तो सिर्फ बात कर रहा हूँ निकल यहां से वरना बहुत कुछ कर दूंगा तब मैंने थाना प्रभारी जी को फोन लगा कर घटने की जानकारी दी कि मेरे साथ अभद्रता किया जा रहा है तो सर ने पूंछा कौन है जिसमें वह आरक्षक सिविल कपड़ा में होने के कारण नाम नहीं पता चल पाया मैने मोबाईल का कैमरा चालू कर उनकी फोटो लेने का प्रयास किया ताकि साहब को दिखा सकूँ जिस पर वह अक्रोशित होकर मेरा मोबाईल हाथ से झपट लिये और मुझे खींचते हुये थाना प्रभारी के चैम्बर के अन्दर ले जाकर मेरे साथ मार पीट करने लगा और मेरा गला भी दबा दिया बोला अभी सारी नेतागिरी निकाल दूंगा और गाली देने लगा और बोला तेरे जैसे पचास आते हैं।फरियादी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की थी जिसको पुलिस अधीक्षक ने त्वारित कार्यवाही करते हुए आरक्षक रौनक पवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, निलंबन अवधि में मुख्यालय रक्षित केन्द्र शहडोल रहेगा, जहाँ पर ली जाने वाली गणनाओं मे उपस्थित रहने पर इन्हें जीवन निर्वहन हेतु नियमानुसार गुजास भत्ता देय होगा।

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