शहडोल - जिला मुख्यालय पर रविवार को सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते मलबे की चपेट में आने से एक ऑटो पार्ट्स व्यवसायी और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने नगर पालिका की दो जेसीबी (JCB) मशीनों पर पथराव कर तोड़फोड़ की। स्थिति बेकाबू होते देख प्रशासनिक अमला कार्रवाई रोककर मौके से पीछे हट गया। फिलहाल क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
लापरवाही की भेंट चढ़ा अभियान: दुकान खाली करते समय ढहा दी छत-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड तक 17 मीटर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था। पीड़ित परिवार के सदस्य अशोक गुप्ता द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, स्थानीय व्यापारी प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करते हुए अपनी दुकानों से सामान खुद ही हटा रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे, बलपुरवा रोड पर तैनात नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) निशांत सिंह ठाकुर ने कथित तौर पर बिना किसी पूर्व चेतावनी या सुरक्षा मानकों का पालन किए जेसीबी चलाने का आदेश दे दिया।
शिकायत पत्र के अनुसार: "जब 45 वर्षीय सीताराम गुप्ता और उनका बेटा रविकांत गुप्ता दुकान के अंदर से सामान बाहर निकाल रहे थे, तभी जेसीबी ने दुकान पर प्रहार कर दिया। इससे दुकान की छत भरभराकर दोनों के ऊपर गिर गई और वे मलबे में दब गए।"
तनावपूर्ण स्थिति -पथराव के बाद मौके से भागे अधिकारी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने मलबे से लहूलुहान पिता-पुत्र को बाहर निकाला और तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत अत्यंत नाजुक है और वे इस समय आईसीयू (ICU) में जीवन-मौत से जूझ रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने नगर पालिका की जेसीबी मशीनों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया, जिससे वाहनों के शीशे टूट गए। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गुस्साए लोग सीएमओ का पीछा करते दिख रहे हैं, जिसके बाद अधिकारी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से रवाना हो गए।
सीएमओ के खिलाफ एफआईआर की मांग, जांच शुरू
पीड़ित परिवार ने सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर और उनकी टीम को इस जानलेवा हादसे का सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस को सौंपी गई शिकायत में मांग की गई है कि:
सीएमओ और संबंधित टीम के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।
घोर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस संवेदनशील हादसे ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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